Few lines from movie YEH MERA INDIA
I am writing some lines from movie Yeh mera India.
तुम्हारे जैसे हमने देखने वाले नही देखे,
जिगर में किस तरह से रंजो गम पाले…. नही देखे
यहाँ पर जात मज़हब का हवाला सबने देखा है,
किसी ने भी हमारे पाव के छाले नही देखे!
अगर टूटे किसी का दिल तो शब भर आँख रोती है,
ये दुनिया है गुलों की जिसमे काँटे पिरोती है,
हम अपने गाँव में मिलते हैं दुश्मन से भी इठलाकर,
तुम्हारा शहर देखा तो बड़ी तकलीफ़ होती है!
हमें इस जिस्त से उम्मीद क्या थी और क्या निकला,
कहाँ जाना हुआ था तय कहाँ से रास्ता निकला,
खुदा जिनको समझे थे वो शीशा थे ना पत्थर थे,
जिसे पत्थर समझते थे वही अपना खुदा निकला!
जिसने इस दौर के इंसान किए हैं पैदा,
वो मेरा खुदा हो मुझे मंजूर नही!